तेरा तस्सवुर फिर मुराद किया
बेतहाशा ये बरसों बाद किया
बेसबब बढ़ गई रफ़्तार दिल की
तुमने भी शायद है मुझे याद किया
This page contains poetries and ghazals created by me at different times in my life.
Tuesday, November 29, 2022
तुमने भी शायद है मुझे याद किया
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लिफ़ाफ़े ( एक नज़्म )
उनकी यादों के लिफ़ाफ़े को आज खोला है कितनी प्यारी सी ये तस्वीर मिली है मुझको जी में आता है के सारे वो लम्हे फिर से जिऊँ क्या ख़बर कौन से प...
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तेरी यादों के लिफ़ाफ़े को आज खोला है कितनी प्यारी सी तेरी तस्वीर मिली है मुझको जी में आता है के सारे वो लम्हे जी भर लूं क्या खबर कौन से प...
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किसे बताएं के क्या हो रहा अपने संग वाक्या कोइ छुअन सी लगे जब भी चलती है कभी हवा किसी को देखने लगे हैं हम जब देखें आइना मेरे ख़ुदा ऐ ख़ुदा खुद ...
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ये दौलत की, दौड़ जो है, इसे शहरों में रहने दो | कभी मिलने जो घर आओ दोस्त को यार कहने दो || फिरंगी चाल ढालों को घर तलक लेके जाते हो | खुदा...